निवेश

PPF vs ELSS vs FD: ₹1.5 लाख कहाँ लगाएं — धारा 80C के लिए?

TrueNumbers India टीम · अपडेट जून 2026 · 8 मिनट पढ़ने का समय

ब्याज दरें और टैक्स नियम समय-समय पर बदलते हैं — निर्णय लेने से पहले वर्तमान दरें जांचें। धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स कटौती मिलती है। यह सीमा PPF, ELSS, EPF, NSC, होम लोन मूलधन, बच्चों की ट्यूशन फीस — सब मिलाकर है। अधिकांश नौकरीपेशा लोग EPF के ज़रिए 80C की आधी सीमा पहले ही भर लेते हैं। बचा हिस्सा PPF, ELSS या Tax Saver FD में कहाँ लगाएं?

तीनों क्या हैं — संक्षेप में

PPF (Public Provident Fund) सरकारी गारंटी वाला 15 साल का निवेश है। ब्याज तिमाही तय होता है। EEE (exempt-exempt-exempt) दर्जा — निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों टैक्स-फ्री। लिक्विडिटी कम — 15 साल का लॉक-इन, आंशिक निकासी सीमित।

ELSS (Equity Linked Saving Scheme) म्यूचुअल फंड का टैक्स-सेविंग विकल्प है। 80C विकल्पों में सबसे कम 3 साल का लॉक-इन। रिटर्न बाज़ार-आधारित — ज़्यादा संभावना लेकिन जोखिम भी। Tax Saver FD 5 साल का लॉक-इन — निश्चित ब्याज, FDIC बीमा कवर, लेकिन ब्याज टैक्सयोग्य।

जोखिम और रिटर्न की तुलना

PPF सबसे सुरक्षित है — सरकार गारंटी देती है। ब्याज दर सरकार तय करती है और FD से थोड़ी ज़्यादा रहती है, लेकिन बाज़ार के ऐतिहासिक रिटर्न से कम। वर्तमान दर india post या बैंक की वेबसाइट पर देखें।

ELSS में ज़्यादा रिटर्न की संभावना है — लंबी अवधि में इक्विटी बाज़ार ने PPF से काफी ज़्यादा रिटर्न दिया है। लेकिन यह गारंटीड नहीं है। 3 साल के बाद भी बाज़ार नीचे हो सकता है। Tax Saver FD सबसे अनुमानित है — ब्याज पहले से तय, जोखिम नहीं, लेकिन ब्याज पर टैक्स लगता है।

लिक्विडिटी — कब और कैसे निकाल सकते हैं?

PPF में 15 साल का लॉक-इन है — 5वें साल के बाद आंशिक निकासी और 3वें साल के बाद लोन लेने का विकल्प है। लेकिन आपात स्थिति में यह तुरंत उपलब्ध नहीं होता। ELSS में 3 साल का लॉक-इन — 80C विकल्पों में सबसे कम। 3 साल बाद जब चाहें निकाल सकते हैं।

Tax Saver FD में 5 साल का लॉक-इन — बीच में नहीं तोड़ सकते (कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर)। अगर आपको आपात में पैसों की ज़रूरत हो सकती है, तो लिक्विडिटी एक अहम कारक है।

किसके लिए क्या बेहतर?

PPF चुनें अगर: जोखिम बिल्कुल नहीं चाहते; लंबी अवधि (15+ साल) के लिए है; टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं; रिटायरमेंट या बच्चों की शिक्षा के लिए बचा रहे हैं।

ELSS चुनें अगर: लंबी अवधि में बाज़ार की वृद्धि से लाभ उठाना चाहते हैं; 3 साल बाद लिक्विडिटी चाहते हैं; जोखिम सहन कर सकते हैं; 30-40 साल के हैं और रिटायरमेंट दूर है। Tax Saver FD चुनें अगर: निश्चित रिटर्न चाहते हैं; ब्याज से आय चाहते हैं; बाज़ार जोखिम नहीं लेना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ELSS पर टैक्स कैसे लगता है?

3 साल बाद ELSS से मिलने वाले Long Term Capital Gain (LTCG) पर टैक्स लागू होता है। वर्तमान दर और नियम incometax.gov.in पर देखें — ये बदल सकते हैं।

PPF अकाउंट कहाँ खोल सकते हैं?

किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक (SBI, PNB आदि) या India Post में PPF अकाउंट खोल सकते हैं। कई बैंक ऑनलाइन खोलने की सुविधा भी देते हैं।

क्या PPF और ELSS दोनों एक साथ कर सकते हैं?

हाँ — ₹1.5 लाख की 80C सीमा में आप PPF और ELSS मिलाकर कर सकते हैं। जैसे ₹75,000 PPF में और ₹75,000 ELSS में — दोनों पर 80C का फायदा मिलेगा।

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